Thursday, April 15, 2010

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जब से तुमको देखा है ।

मेरे दिल की अमावस में एक चाँद नज़र आया है।

तेरी आँखों का नूर जहाँ ने पाया है ।

हम क्या ? सारा जहाँ इसमें डूब सा गया है ।

तेरी जुल्फों की घटा ने क्या सामत लाई है ।

मेरे बैचेन दिल में राहत सी आई है ।

तेरी सुर्ख होटों ने क्या प्याले की शक्ल पाई है ।

इसे देख के मुझे तो मैखाने की याद आई है । ।

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